तत्सम्यक् मनु –  Included in Limca Book of Records, Guiness World Records 23/05/19

वर्ष 2019, पहली मार्च। शानदार ऋतु यानी वसंतोत्सव व मदनोत्सव ! 

जब ZB से प्रकाशक-लेखक अग्रीमेंट लिए इस दुनिया की सफ़र की शुरुआत हुई। वो मस्तमौले व हाज़िरजवाबी वार्त्तालाप के धनी तथा लच्छेदार बातों की सेवई से मन को मोहनेवाले श्री SA सर से पहली बातचीत हालाँकि  फरवरी माह में ही हो चुकी थी, जिस माह ‘प्रेम दिवस’ भी होती है और उनसे माधुर्य वार्त्ता की परिणति ही है, ZB के साथ आत्मीय-संबंध बनते चले जाना ! जो ‘वेंटिलेटर इश्क़’ के रूप में ऐतिहासिक इश्क़ को पुस्तकाकार के प्रसंगश: अब इतिहास लिखती चली जा रही है !

उमड़ती समय ने घुमड़ती हुई आगे बढ़ी, खांटी शुद्धता सहित प्रकाशन-प्रक्रिया आरम्भ हुई… इस बीच अत्री सर से बातें कम हो पाई, क्योंकि मुद्रण-अध्याय के लिए सुंदर आवाज की मल्लिका सुश्री K मेम ने प्रकाशन-संबंधी प्रसंग संभाली हुई जो थी ! ‘वेंटिलेटर इश्क़’ की आवरण-सज़्ज़ा, सारांश और लेखकीय परिचय उन्हीं के तत्वश: सम्प्रति प्रेमोपन्यास वर्त्तमान स्वरूप में आ पाई ! परंतु SA सर की संवाद-अदायगी मेरी भूमिका को तरोताज़ा और जीवंत किया ! तभी तो एक दिन अचानक ZORBA का मतलब SA सर से पूछ ही लिया और उन्होंने बताया भी कि प्रकाशक महोदया बेहद शांतिप्रिय हैं, विदेशी भाषा के शब्द ‘ज़ोरबा’ का अर्थ भी है– ‘शांति का दूत’। मुझे भी यह सुन बहुत अच्छा लगा कि एक शांतिप्रिय लेखक को ‘शांति दूत’ प्रकाशन मिली ! प्रकृति भी देखिए, एकसमान विचारधारावाले लोगों को किसप्रकार मिलाती है ? … और ZB के ढाई महीने के अनवरत व अनथक मेहनत से ‘वेंटिलेटर इश्क़ : A graduate love story‘ साहित्याकाश में आखिर आ ही गयी ! 

मैं ZB के प्रत्यक्ष व परोक्ष सभी आदरणीय सदस्यों को तहेदिल से एतदर्थ आभार प्रकट करता हूँ, जिनके सद्प्रयासों से उपन्यास ससमय हाथों आ पाई और विपणन हेतु E-शॉपिंग वेबसाइट पर भी पुस्तकें उपलब्ध हो गयी। उन सभी कुरियर बॉयज़ व कुरियर गर्ल्स के प्रति भी दिली आभार, जिनके कारण ‘वेंटिलेटर इश्क़’ सुदूर देहातों में भी पाठकों के बीच पहुँच प्रशंसित हो रही हैं, परंतु मुद्रक महोदय द्वारा उपन्यास की प्रिंट टाइप को और भी small की जा सकती थी । 

प्रकाशक महोदया को मुद्रित शब्दों में आधुनिक हिंदी शब्दों के टाइप इस्तेमाल करनी चाहिए थी तथा अनिवार्य रूप से यह भी कहना चाहूँगा कि जो किताब ZB द्वारा प्रकाशित कर पाठकों के हाथों सौंपी जा रही है,  ZB के सम्बन्धित  मेंबर्स को पुस्तकों के प्रकाशित होने से पहले कम से कम एकबार अवश्य पढ़ लिया करेंगे, तो लेखक को इससे स्वत: पारितोषिक मिल जाएगी और इनसे लेखक के अंदर आत्मविश्वास आत्मसात करते चले जायेंगे ! ख़ैर, यह प्रतिक्रिया लेखक की नितांत अपनी और स्वान्त: सुखाय लिए है, जिसे अन्यथा नहीं लेंगे !

अच्छी पुस्तक है और सुंदर प्रस्तुति लिए है ! ‘वेंटिलेटर इश्क़’ को पढ़िये तो सही ! सादर !