बचपन  के वो दिन ...

By: Babita Mishra

बचपन  के वो दिन ...


 काश  ...लौटा दे कोई वो बचपन के दिन
ना  कोई  चिंता  ना कोई  फ़िकर 
वो  अल्हड़पन  और  मस्ती  के  दिन

खेलना कूदना वो बागों में झूलना
पकड़ तितली को ठहांके लगाना 
चुपके से  लेकर खट्टी इमली का खाना 
गुड्डे गुड़िया की शादी का उत्सव मनाना 
क्या क्या बताऊँ कितने प्यारे थे वो दिन
 

बस्ते  के  बोझ  तले  टिफ़िन की ख़ुशबू
मम्मी की बाय  पापा का  वो  स्कूल छोड़ना 
लड़ना -झगड़ना  ,वो   रूठना - मनाना 
दोस्तों के साथ गुजरते थे वो पलझिन
काश ...कोई लौटा दे वो बचपन के दिन.. 

बबीता मिश्रा 
विकासपुरी न्यू दिल्ली-18