आत्म विश्लेषण का महत्त्व

By: Richa Pande

सफल होने के लिए  किसी भी व्यक्ति  के लिए यह जानना बेहद महत्वपूर्ण है कि उसे अपने सामर्थ्य की पहचान हो, अपने  गुणों-अवगुणों का सही-सही अनुमान हो। साथ ही साथ अपने आस-पास के वातावरण की समझ, अवसरों और बाधाओं को समझने की परख होना भी ज़रूरी है जो स्वपन यथार्थ  के धरातल से जुडें हों , अक्सर तूफानों में भी  प्रबल हो आकाश की ओर  बढ़ता  है   इसका यह अर्थ नहीं है कि  जीवन में  शौक और इच्छाशक्ति का कोई महत्त्व नहीं है परंतु  सत्य  यह भी है कि एक विशेष पौधा, किसी विशिष्ट प्रकार की मिट्टी और परिवेश में तेज़ी से  पनपता है और विपरीत परिस्तिथियों में पनपने के लिए उसे अनेकों जटिलताओं का सामना  करना पड़ता है अगर आपका शौक आपकी काबिलियत से ठीक विपरीत है तो अपने स्वपन को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत  करने के लिए तैयार हो जाइये।

अपने सामर्थ्य से अवगत होने के लिए आत्मनिरीक्षण बेहद आवश्यक है। हमारे आस-पास रहने वाले लोग हमें  हमारे गुणों और अवगुणों के  बारे में सीमित जानकारी ही दे पाते हैं, परंतु आपको आपसे बेहतर कोई और व्यक्ति शायद ही समझ पाए। खुद को पहचानने के लिए ज़रूरी है के हम कुछ क्षण एकांत में बिताएँ, अपने विचारों को परखें, स्वयं से कुछ कठिन सवाल पूछें और उनके उत्तर ढूंढें।  आज कल की व्यस्त दिनचर्या में अपने लिए समय निकालना कठिन है परंतु  ऐसा करने से संभवतः आप स्वयं को बेहतर समझ पाएंगे और दूसरों को समझा पाएंगे। संभवतः आप अन्य व्यक्तियों के "विचारों को भी समझ पाएं   परिणाम  स्वरूप  लोगों के साथ आपके  सम्बन्ध प्रगाढ़ होंगे, तनाव कम होगा और आप प्रसन्न रहेंगे प्रसन्नता एक सफल और स्वस्थ जीवन की कुंजी है आत्म विश्लेषण  के दौरान अक्सर कुछ लोग  विचलित  हो जाते हैं  परंतु  धैर्य  रखना ज़रूरी है धीरे-धीरे  विचारों में स्पष्टता अवश्य आएगी  जिसके कारण आपके अंदर उत्साह जागेगा।  दिनचर्या के वह कार्य जो आपको थका दिया करते थे वही आप स्फूर्ति  निपटा लेंगे क्योंकि आप अपने ध्येय से जुड़े होंगे।