मेरे व्यवहार से वाकिफ है मेरी कलम.. 💜🖊🖋

By: Rahul Kiran

मेरे व्यवहार से वाकिफ है मेरी कलम.. 
मैं अगर कुछ लिखूँ तो 
तुम्हारा अहसास लिखा जाता है..! 

न उम्मीदों की उम्मीद लिखा जाता है 
यूँ न कीजिये बेताब..! 

बेताबी में भी बेहिसाब लिखा जाता है
मेरे ज्जबात से वाकिफ है मेरी कलम..! 

मैं कुछ लिखूँ , तो तुम्हारा अहसास
लिखा जाता है ..

मेरे व्यवहार से वाकिफ
है मेरी कलम..!

मैं कुछ लिखूँ तो तुम्हारा 
नाम लिखा जाता है

बीते पल का साथ 
हर सुख दुःख का अहसास.. 

उन बातों में थी जज्बात 
वो जज्बात लिखा जाता है.. 

मेरे व्यवहार से वाकिफ है मेरी कलम
मैं कुछ भी लिखूँ तो तुम्हारा साथ लिखा जाता है