पूछता है बिहार..!

By: Rahul Kiran

पूछता है बिहार जब नही संभलती कुर्सी तो कुर्सी छोड क्यों नहीं देती कुर्सी कुमार पूछता है बिहार..!

बच्चें फार्म तो भरते हैं तैयारी भी करते है
मगर रिजल्ट क्यों नही देते पूछता है बिहार

हर बार परीक्षा होती है कहते हैं जैमर भी लगती है
तो प्रश्नपत्र कैसे लीक होती है ये पूछता है बिहार

पूछता है बिहार कब तक शोषित वंचितो को आम की तरह चूसती रहेंगी
उनको अपना हक क्यों नहीं देती पूछता है बिहार

पूछता है युवा, पूछती है युवती कब तक बच्चों के
भविष्य के साथ खेलोगे कुछ तो शर्म करो कुर्सी कुमार यह पूछता है बिहार

जब यही सब  है करना  तो क्यों नहीं कर देते ऐलान
मरते रहो तुम सब हमें नहीं इन सब का भान
पूछता है बिहार

नहीं है पैसा, नहीं है कौरी तो बताओ कैसे करें रोजगार .? पूछता है बिहार..!

नहीं है यहाँ फैक्ट्री और नहीं है कोई काम
कबतक अलग अलग प्रदेशों में कोई पूछे कहाँ से हो
तुम तो बताना पडे़ नहीं हैं हम बिहारी, सरकार..!
पूछता है  यह बिहार

पूछता है बिहार नहीं लड़ते तुम प्रत्यक्ष चुनाव ..!
जो लड़ते तुम सामने से तो करा देते हम  जमानत भी  जब्त तुम्हारी सरकार
ये कहता है बिहार

छीना है तुमने बचपन और छीना भी है जवानी
हम तुम्हारी बुढापा छीन लेंगे सुन लो कुर्सी कुमार

करना है करके तो दिखाओ FIR सबकुछ कह दिया इशारे में तुम मेरा बाल भी बांका नहीं कर पाओगें सुन लो सरकार.!

समझ गये हैं लोग कि क्यों कर रहे ये सब आखिर तुम अभी 

क्यों चल रहा नियोजन .?
क्यों ही मिल रहा रोजगार .?

क्यों निकल रही रिक्तियाँ.?
चुनावी वर्ष है क्या इतना भी नही
पता है हम सब को जुनियर इंजिनियर की सरकार..!
है उनसे भी कुछ सबाल जो ये कहते थें
कि जब डबल होगी इंजन तो तेज होगी रफ्तार
कहाँ गई वो रफ्तार पूछता है बिहार

ये सब प्रमाण है तुम्हारे 15 साल के सुशासन का..!

तरप-तरप कर मर रही है जनता
चारो तरफ क्यों  है हाहाकार
पूछता है बिहार .!