पापा

By: Chandni kaur


जिसने मुझे चलना सिखाया ,वो है मेरे पापा..
घोड़ा बन अपनी पीठ पर बैठाया ,वो हैं मेरे पापा...
जिसने खुद ना खा कर ,मुझे खिलाया वो है मेरे पापा..
मेरी गलती पर मुझे मार खुद रोये, वो है मेरे पापा..
जिसने बचपन से ही मुझे अपनी परी समझा, वो है मेरे पापा....
फिर क्यूं आज अपने दिल पर प्थर रख अपनी परी को हमेशा के लिए उड़ा दिया,,,, पापा।
😢😢😢😢