आखिर क्यूं?

By: Divye Mittal

अक्सर मेरी बातों में जिक्र होता है,

प्यार ,इश्क़ और मोहब्बत का,

 

कभी कभी समाज में होनी वाली 

घटनाओं पर भी व्यंग कर दिया करता हूं।

 

कभी किसी कि झूठी तारीफ तो कभी सच 

भी लिख दिया करता हूं।

 क्यूंकि विश्वास है खुद पर की को लिखा जाएगा,

वोह पढ़ा भी जाएगा और 

समझा भी जाएगा उसको लिखने का उद्देश्य।

 

आखिर क्यों ? 

क्यूं लिखा गया है ये ?