किताब

By: Vikaral

बोल नहीं पाती है वह,

सुन नहीं पाती है वह l

बिना आंखों के कहलाए अंधी,

पर सबको राह दिखाती है l

परत पर जमा हुआ है,

इसमें ज्ञान ही ज्ञान l

बस्ता खोलोगे तो,

इससे बना पाओगे अपनी पहचान l

यह है किताब महान ll