जीना इसी का नाम है

By: Sudhanshu Pratap

जिसका जिससे बनता है बनने दो,,

किसी को फ़ालतू में उंगली करना छोड़ दो,,

वो नहीं तो कोई और सही,,

मस्त रहो जिंदगी मस्ती में चलने दो,,