Kinara

By: Ketan

जरुरी तो नहीं जीने के लिए सहारा हो,

जरुरी तो नहीं हम जिनके हैं वो हमारा हो,

कुछ कश्तियाँ डूब भी जाया करती हैं,

जरुरी तो नहीं हर कश्ती का किनारा हो।