जो तुम मिरा ये गजल पढ़तें हो..!

By: Rahul Kiran

जो तुम मिरा ये गजल पढते हो और वाह- वाह करते हो..!

खुदा का इल्म नहीं साहेब , जिगर का दर्द है सा़हे़ब ..!