अपने

By: Sudhanshu Pratap Ranjan

नए रिश्ते हो या पुराने,,

ढूंढा तो वही लोग करते हैं जो अपने होते हैं,,

फिजूल में सिर्फ़ भीड़ ही जमा करना है तो,,

सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसी ही जिंदगी बना लो,,

हजारों लाखों लोगों को फ्रेंड लिस्ट में भरने के लिए,,

सिर्फ़ नाम मात्र के लिए अपना कहने के लिए,,