कैसे मैं बताऊं, भारत में क्या हो रहा है

By: डॉ. राजमणि नंदन

तुम्हें कैसे मैं बतलाऊं ,भारत में क्या हो रहा है
3 तरह के लोग यहां हैं निचला बिचला ऊपर वाला |
ऊपर वाले को बहुत छूट है नीचे वाले को फ्री में लूट है
बीच वाला मेहनत करके, चिल्ला चिल्ला कर रो रहा है
कैसे मैं बतालाऊं भारत में क्या हो रहा है ||
रोटी कपड़ा और मकान,पहले का यह नारा था |
जब जब इसकी आवाज उठी, तो अनेकों लोगों को मारा था
स्वास्थ्य शिक्षा और बेरोजगारी का, नया नारा अब आया है
ऊपर वाले लूट रहे हैं मध्यमवर्ग को कूट रहे हैं
फ्री में खा कर नीचे वाला, गहरी नींद में सो रहा है |
कैसे मैं बतलाऊं भारत में क्या हो रहा है ||
देश का पैसा खूब लुटाया, जिसका खाया उसको खिलाया |
अपने को फकीर बताकर,जाकर विदेश में मौज उराया |
नहीं लगा उद्योग एक भी,देश के युवाओं को बेरोजगार बनाया
 बिना ज्ञान का दावा करके, मुंह में झूठ फरेब है भर के 
 भारत के जनता की आत्मा को झकझोर रहा है
 कैसे मैं बतलाऊं,भारत में क्या हो रहा है ||
 सोशल अब सोशल मीडिया पर बहुते रंग दिखाता है
 एक हाथ सहयोग करें और 20 फोटो खिंचवाता है
 बेचारी इस समाज को सब मिलकर उल्लू बनाता है
नीचे से ऊपर सभी पदाधिकारी को एक नेता नाच नचाता है
जनता का ही सेवक देखो जनता को दौराता है
जो जीत गया वो 5 साल तक कहां नजर फिर आता है
ऊपर वाला मौज है लेता, नीचे वाला भाँग,दारू, स्मैक है पिता
बीच वाला फेसबुक और व्हाट्सएप पर ही खो रहा है
सोने वाला सो रहा है कैसे मैं बतलाऊं                                                                            भारत में क्या हो रहा है ||