अब आप ही बताओ….. Ab Aap Hi Batao…..

By: Shanti Prakash

हाथ की लकीरों में
क्या ढूँढ़ते हो…
सफर ज़िंदगी में मिलेंगे
यादगार मुकाम भी
ख्वाइशों का बाज़ार तो नहीं
जहाँ खरीददार ही मिलें

प्यार कमज़ोरी समझ
इम्तिहान इतने भी ना लो
सफ़र ज़िंदगी में
ना प्यार मिले
ना दिल-दार मिले

अब आप ही बताओ
समाधान क्या करें….

This book Spandan is avalable on all online portals