जीवन एक मयख़ाना

By: Anoop Sonsi

कड़वे घूँट का पैमाना लगता  है

जीवन एक मयख़ाना लगता है

 

शमा के आगे जो भी जलता हैं

मुझको सब परवाना लगता है

 

मतलब की दुनिया मे मुझ को

हर अपना तो बेग़ाना लगता है

 

सब कुछ जाना पहचाना है मेरा

पर सब कुछ अंजाना लगता है

 

जब मिलता है जख्म अपनो से

साया भी तो बेगाना लगता है

AnoopS©