Kitab

By: Robert Messy

तेरी हकीकत से क्या ही जुड़ना
है मेरी ख्वाहिश तु एक ख्वाब तो मुझे दे ही दे,

मुझे यकीं है तेरी सांसों की खुशबू होगी उसमें
ईमान कौन मांगता है, तु तेरा हिजाब मूझे दे ही दे

मेरी किस्मत तो देख, मोहब्बत की हर निशानी तेरे पास है
तु रख लें सब कुछ, तेरे रूमाल का परफाब मुझे दे ही दे

किसी डाल से टुटे गुलाब को मैं इश्क समझ लूंगा उम्र भर के लिए
उसे रखूंगा कहां, तु कम से कम कोई किताब तो मुझे दे ही दे...!!!

 

                                                                           ~Messy