बदलाव

By: Palak Gupta

बदलाव चाहिए तो बदलना तो होगा

फूलो की सेज न सही,कंटीली राह सही

रफ्तार पकड़नी है तो,चलना तो होगा। 

मयस्सर नही कामयाबी एक प्रयास मे तो क्या

सूरज को फिर उगने के लिए,ढलना  तो होगा।

जंग का मैदान हो,तो अहिंसा कायरता है

यदि गुरु द्रोण भी हो सामने,तो अर्जुन को लड़ना होगा

विपरीत हो यदि परिस्थितियां,क्यो रुक कर  विचारे

मंज़िल वही क्यो राह नई,आगे तो बढ़ना होगा।

पहाड़ो सी विपदाएँ हो,चट्टानों सी बाधाएँ हो

यदि शिखर पर जाना है तो चढ़ना तो होगा।

कदम कदम पर खाई होगी

बचना है तो चलना तो होगा।

बदलाव चाहिए तो,बदलना तो होगा।