नज़र-अंदाज

By: YashVardhan

वो जानती है हा मुझे 

मै याद हू हा अभी उसे 

ये जानने के बावजूद 

मै नज़र-अंदाज हा कैसे भला उसको करू

वो चाहती है हा अभी मुझे 

मै चाहता हू हा अभी उसे 

ये जानने के बावजूद 

मै नज़र-अंदाज हा कैसे भला उसको करू 

वो आई है हा मिलने मुझे 

मै भी बेकरार हू हा मिलने उसे 

ये जानने के बावजूद 

मै नज़र-अंदाज हा कैसे भला उसको करू 

वो मुस्कुराई मेरे सामने 

मै भी मुस्कुराया उसके सामने 

ये सब होने के बावजूद 

मै नज़र-अंदाज हा कैसे भला उसको करू