मेरी गुडिया

By: Pinki Devnath

मेरी गुडिया

मेरी प्यारी गुडिया रानी

हर पल करती तु शैतानी,

खाना देख करती आनाकानी

दादी से सुनती कहानी,

हरदम करती अपनी मनमानी

ओ मेरी गुडिया रानी, 

तुझसे ही बनती मेरी खहानी।