रहस्य

By: Utkarshaa Koshta

होते हैैं गहरे ये रहस्य , 

अंधेरे की आन हैं रहस्य ,

ज्ञान  की तिजोरी हैं रहस्य ,

अज्ञात राहों की मंजिल हैंं रहस्य ।

हर किसी के अंदर हैं , हर परदे के पीछे हैं ,

न कोई कहना चाहे , न कोई पलटना , 

पर होते हैं बहुत गहरे यह रहस्य ।

आत्म और बुध्दि का मेल है , दोनो को वश मे करना ही खेल है ,

पर समझ न आए कौन सर्वश्रेष्ठ है ।

यहीं तो हैं रहस्य , 

कैसे पहुँचे उस तक , कैसे सुलझाए उसे , 

बहुत गहरे हैं , यह रहस्य ।