मनवा तू समाई है ऐसो

By: Madan Mohan Thakur

मनवा तू समाई है ऐसो,जिया घबङाए अजी तू नैन मिलाए ना!

आया इश्कका मौसम भीगाभीगा,मनवा चाहत की लहर उठे!!

कहना जिया तुमको,सुनले बैरी पिया तुमतो,धङक जाए जिया मेरा!

तू मतवारी नारी मोहे मिलने ना आई,मन मेरे चाहत की लहर उठे!!

तू बैरन अजी हां,अदाएँ तेरी कातिल हो गई है,जाने तू कैसे खोगई है!

मतबाला जिया,मैं तेरा पागल पिया,मन मेरे चाहत की लहर उठे!!

तू समझे ना बालम रे,वो बालमा,बैरन रे कहूं कैसे तू मोहे समझे ना!

पिया नैन मिलायो प्रीति में रामा दुहाई,मन मेरे चाहत की लहर उठे!!