Alfaaz Dil se

By: RAVI KATARA

तुम जैसे ना जाने कितने वीर जवानों ने सरहद पर जाकर अपना खून बहाया है,
तब जाकर कहीं आसमान में ये तिरंगा गर्व से फहराया है।।

हर पल इस अखंडता और एकता को अपने दिलों में बनाए रखना है,
अपने दिल-ओ-ज़हन में इंकलाब और आज़ादी की अलख को जगाए रखना है।।

आओ अब फिर इक बार अपने भारत को विश्व गुरु बनायें,
जब भी आंच आयेगी भारत मां की अस्मत पर,
अपना लहू देकर वतन में आज़ादी की फुलवारी को महकाएं।।