करीब

By: sandeep kajale

एक रिश्ता जुड़ा

दामन से मेरे

हाथों में लेकर हाथ

संग चलना है तेरे

 

दिल में मेरे

गूंजती शहनाई

तेरे बिना

ज़िन्दगी में तनहाई

 

कर रहे है तुमसे

ये इजहार

इश्क़ है मेरा

करता हूँ इकरार

 

तेरे आने से

मिलता है राहत

तू दिल का सुकून

तुहि मेरी चाहत

 

खुशियां पायी मैंने

ना मिला कोई ग़म

किस्मत से मिले हो

मेरे, प्यारे सनम

 

तुम्हारे पास होने से

धागा बंधा अजीब

सारी उमर, रहेंगे

एक दूजे के करीब