शायरी

By: Richa Kumari

* सबके चेहरे हैरान क्यों हैं,

सबकी लबों पर झूठी मुस्कान क्यों है,

जिंदगी  आजकल इतनी परेशान क्यों है!!! 

*सौ दर्द, 

एक मर्ज माँ.!!! 

*उनके आने की आहट और हमारे लबों पर मुस्कुराहट, 

  वाह रे इश्क़ बहुत खुबसूरत है तेरी इबादत!!! 

*मौसम आज इतना सर्द क्यों है, 

  इस इश्क़ में इतना दर्द क्यों  हैं!!! 

*सब कोशिश में है कि भुल जाऊँ तुम्हें, 

  दिल जिद्द पे अड़ा है कि और चाहूँ तुम्हें!!! 

*उन्होंने मोहब्बत के बदले जुदाई माँगी, 

हमने जुदाई के बदले जान दे दी!!! 

*प्यार और कुछ नहीं, 

 बस माँ का आँचल हैं!!!