बारिश की बूँदें

By: Anuj Khare

इस बारिश बूँदों को देखा

भीगते भीगते बातें करते करते दो बूँदें

आसमां से ज़मीं पर उतर रहीं थीं

और फिर अचानक से एक हो गयीं

ऐसे ही तो हम थे ना,

बारिश में बालकनी पर खड़े रहते थे

और फिर भीगते भीगते बातें करते करते

कब हमारे लब एक हो जाते थे

पता ही नहीं चलता था

 

शायद! उन बूंदों को भी इश्क़ होगा