Researcher in hindi

अगर सिखा देते अपनी बेटियों को 

बिना ड़र ओर बिना सलीके के रहना

तो आज राह चलते बेटियां रौंंदी नहीं जाती

सिखाया जा है उन्हें गुड्डे़ गुड्डियोंं की शादी कर घर बसाना

ड़राया जाता है समाज के तुच्छ संस्कारों के नाम पर

मार दिया जाता है प्रेम के नाम पर

दबा दी जाती है उनकी भावनाएं

जला दिये जाते है उनके सपने

समेट दी जाती है उनकी जिंदगी

बना दी जाती है एक स्त्री

जो इंसान नहीं सिर्फ स्त्री है

जिसमे रुह नहीं सिर्फ़ जिस्म है

तब कहता है ये समाज

स्त्री कमजोर ओर अबला है

 

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हेमंत यादव