“अच्छा है”

इतना भी क्या डरना
जीवन अच्छा है

सबके साथ रहें तो बन्धन अच्छा है

मुद्दत बाद हुआ है घर में कोलाहल
सब हैं साथ, चहकता आँगन अच्छा है

रातें fb ,दिन वाट्सैप पे कटता है
मैं मेरे सँग हूँ ये मौसम अच्छा है

मैसेंजर से अपनापन गुलज़ार हुआ
ईमोजी से full, -"मौजीपन" अच्छा है

यादों ने फिर उसको जाकर थाम लिया
उसका-मेरा साझा बचपन अच्छा है

दीवानों का इश्क़ चढ़ा परवान बहोत
आप भी कर लो इश्क़, ये सीजन अच्छा है.।☺️।

–©अभ्भू भइया

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abbhuabhinav