वक्त का छलावा

उसने कहा था मैं आऊंगी,

पर अरसा नहीं बताया था ।।

शायद लेने गई है कोई तोफ़ा,

जो कभी मैने नहीं दिलाया था ।।

दुआ कुछ भी हो उसकी ,

उसकी हर दुआ में मेरी आमीन है ।।

अगर उसने कहा है,

“में आऊंगी “

तो मुझे उसकी बातों पर यकीन है ।।

वो गलत हो ही नहीं सकती,

भले गलत पूरा ज़माना हो,

उसका वो अनजान अरसा,

जो बीत ही नहीं रहा …

शायद वक्त का छलावा हो..।।

जो बितना तो चाह रहा हो,

पर बीत नहीं पा रह हो ।।

:-आदेश कुमार सिंह

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