हंसी का माहौल !!

एक लड़का, जो खो गया ;

शायद अपनों के सपनों में खो गया,

इतने विचार, इतनी उम्मीदें,

सच, वो सच में रो गया !!

एक शाम चौखट की,

दिवाली की रौनक थी,

काली एक कालीन बिछाई,…

रिश्तेदारों ने बैठक बुलवाई,

आंगन में अब कुछ चुगली होगी…!

Confirm थी बात दोगली होगी..,

सभी बच्चों के बखान गा रहे..

कोई कलेक्टर, तो कोई मेजबान बता रहे ¡¡

पर जब बारी मेरी आई !!

बाप का चेहरा उतरने लगा,

हंसी का माहौल तो बनने लगा !!!

-आदेश कुमार सिंह

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