आंधी

न जाने यह कैसा खालीपन है 

न जाने कैसी खामोशी है 

शायद जो आने वाला है 

वह एक आंधी है 

जो अक्सर उड़ा ले जाता है 

हकीकत को। 

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अदिति अन्विता