आग

यह जो बदलाव की आग तुमने भरी है 

साथ भी दे देना 

मैं तस्वीर बनाती हूं, 

रंग तुम भर देना 

जिंदगी रूपी आसमान में 

स्वतंत्रता भर देना, 

एक इंसान बनाती हूं 

संस्कार तुम भर देना 

नारी रूपी जिंदगी में 

सुरक्षा तुम भर देना ।

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अदिति अन्विता