मंजिल

एक सवेरा उजाले की चमक लिए 

रंगीन सपनों के बाद जिंदगी लिए 

लेकर संग अपने उम्मीद 

कुछ करने में दिलो-जान लगा दो

मंजिल को नजर में लिए। 

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अदिति अन्विता