मिट्टी
मिट्टी से बने, मिट्टी में मिल जाएंगे,
मिट्टी में थे, मिट्टी में रहेंगे,
कभी हमने नज़रें ज्यादा ऊंची की नहीं
कि हमें ऊंचाइयों से डर था,
कहीं अपना मूल ना खो बैठे,
कहीं तूफ़ानों से उठे तिनके,
मंजिल से ना ओझल कर दे।
मिट्टी से बने, मिट्टी में मिल जाएंगे,
मिट्टी में थे, मिट्टी में रहेंगे,
कभी हमने नज़रें ज्यादा ऊंची की नहीं
कि हमें ऊंचाइयों से डर था,
कहीं अपना मूल ना खो बैठे,
कहीं तूफ़ानों से उठे तिनके,
मंजिल से ना ओझल कर दे।