संसार
वो खामोश है,
आवाज़ भी है,
वह शांत है मगर,
आग उसमें भी है,
दुनिया खफा हो जाए भले,
उसे खुद पर नाज है,
जो सवाल करते हो तुम,
वह एक जवाब भी है,
जो तुम सोच नहीं सकते,
ऐसा अद्भुत विचार है वो,
जिसे हर कोई बसा नहीं सके,
ऐसा संसार है वो।
वो खामोश है,
आवाज़ भी है,
वह शांत है मगर,
आग उसमें भी है,
दुनिया खफा हो जाए भले,
उसे खुद पर नाज है,
जो सवाल करते हो तुम,
वह एक जवाब भी है,
जो तुम सोच नहीं सकते,
ऐसा अद्भुत विचार है वो,
जिसे हर कोई बसा नहीं सके,
ऐसा संसार है वो।