तुम्हारी राधा।।
जो नष्ट करे तुम्हारे जीवन की हर बाधा…
बस वही है तुम्हारी राधा..।।
जो तुममे देखे अपने श्याम को खिलखिलाए…
बस वही है तुम्हारी राधा..।।
जिसके नयन नशीले और चंचल अधरों ने है तुम्हे साधा…
बस वही है तुम्हारी राधा..।।
जो तुम्हें देख मुस्काय …
बस वही है तुम्हारी राधा ..।।
जो कृष्ण बिना अधूरी हो जाए..
बस वही तो है राधा।।