मैंने सीखा
मैंने जिन्दगी से हारना नहीं सीखा,
न कभी किसी से मुख मोड़ना सीखा।
अपनों का साथ छोड़ना नहीं सीखा,
न कभी मौत से डर कर भागना सीखा।
मैंने जिन्दगी को सही ढंग से जीना सीखा,
मैंने अपना अलग पहचान बनाना सीखा।
अपने हो या पराये सबका साथ निभाना सीखा,
दु:ख हो या सुख सबको दोस्त बनाना सीखा।