पापा… ❤️
पापा, हर कोई आपकी तरह मेरी गलतियाँ माफ़ नहीं करता, और हर कोई मेरे आँसुओं को देखकर यूँ साफ़ नहीं करता।
जब दुनिया ठोकर देती है, आप सहारा बन जाते हैं,
मेरी हर हार में भी जीत का किनारा बन जाते हैं।
मेरी खामोशी को बिना कहे पढ़ लेते हैं,
मेरे दर्द को अपने दिल में समेट लेते हैं।
खुद धूप में जलकर मुझे छाँव देते हैं,
अपने सपने छोड़कर मेरे सपनों को उड़ान देते हैं।
लोग कहते हैं भगवान दिखाई नहीं देते,
मैं कहता हूँ, मेरे पापा से बढ़कर भगवान कहीं नहीं होते।
पापा, आपकी मोहब्बत का कर्ज़ मैं कभी चुका नहीं सकता,
बस इतना जानता हूँ कि आपके बिना मैं मुस्कुरा नहीं सकता।
Writter Admin RISHI