कवियों को पहुंचे मेरा सलाम….
कवि थे, कवि हैं, कवि होंगे,
कवि रहेंगे तुम्हारे अमिट निशान !
जगत के सारे कवियों को पहुंचे
मेरा सलाम !
कवि जीवित है तुम्हारी हर
एक रचना ,
कवि तुम हो सागर, तुमने
सजाया सपना !
कवि तुम अंधेरे में उजाला हो,
कवि तुम घनी धूप में मधुर
छाया हो,
कवि तुम ज्ञानी, कवि तुम संवेदी,
कवि तुम हो खुद में खुद की
पहचान ,
कवि तुम ममता का चित्रण,
कवि तुम चाँद, कवि तुम
कल्पना की ऊंची उड़ान !
जगत के सारे कवियों को पहुंचे
मेरा सलाम !