एक दिन

एक दिन 

एक दिन 
जो
चुपके चुपके 
दबे पाँव आता है
और दे जाता है
सुबह की ताजगी 
फूलों की कोमलता 
बचपन की उमंग 
यौवन की तरंग 
खुशी का अहसास 
बिखेर देता है
चित्र फलक पर
इन्द्रधनुषी रंग

एक दिन 
जो थमा जाता है
जाते जाते
ढलती धूप 
उदास शाम
वर्जनाएंं
कुछ अनचुभे डंक 
सन्नाटा 
और साथ ही
दे जाता है
कभी न लौटने का
सर्द अहसास 
और इसी अहसास के
कोहरे में ढकी
एक आशा की किरण
आने वाला एक और दिन।

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Anand bala sharma