Tum
कितना कुछ लिखती हु में,
हो सके तो तुझ पर भी कुछ लिख दु,..!!
तेरी दोस्ती न सही, तेरी ओ नाराज़गी लिख दु
तेरी हंसी न सही, ओ उदासी ही लिख दु…!!
तेरे आँसू न सही, वीरान सी आँखों पर लिख दु,
तेरी मनुहार न सही ,तेरा ओ रूठ जाना लिख दु…!!
में चाहु तो सबकुछ झूठ लिख दु,
पर तू मेरी ही एक परछाई है, ए बात सच लिख दु..!!
आज तेरी हर ओ बात अच्छी लगती है ,
तुम कहो तो, तुम पर एक किताब ही लिख दु …!!!
क्यों आज सब कुछ बदला बदला से है,
मेरी मर्जी हो तो ,आज को भी में कल लिख दु ..!!
_anuksha