तिरंगा मेरी शान
एक जुट होकर बोलो तिरंगा मेरी शान है।
देश के नागरिकों का यही तो अभिमान है।
सर्वोच्च शिखर पर राष्ट्र ध्वज लहराना है।
राष्ट्र हित में प्राण न्यौछावर कर जाना है।
केसरिया रंग में रंग कर राष्ट्र प्रेम जताना है।
देशभक्ति गीत गाकर सोये को जगाना है।
जन-जन के हृदय में राष्ट्र गीत संजोना है।
आजाद, भगतसिंह, सुखदेव सा जज़्बा रख,
वक्त आए गर कभी तो दुश्मन को धूल चटाना है।
मातृभूमि की माटी का कर्ज लहू देकर चुकाना है।
कफ़न तिरंगे का ओढ़ कर मां को गर्व कराना है।
विश्व गुरु बन भारत को नया इतिहास रच जाना है।
धरती ही नहीं अंतरिक्ष पर भी तिरंगा फहराना है।
** अर्चना सिंह जया, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश
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