हिन्दुस्तान हमारा प्यारा
हिंदुस्तान हमारा, सारे जहां से प्यारा है।
संस्कृति-संस्कार का अंबार यहाँ,
जाति-धर्म सम्प्रदाय से परे तिरंगा लहराना है।
अब विश्वगुरु बन जगत में,
ऋषियों और महापुरुषों का संदेश पहुँचाना है।
अनेकता में एकता है यहां,
एकजुट होकर मातृभूमि का कर्ज उतारना है।
देश-भक्ति की मशाल थाम,
देश-प्रेम का दीप हिय में सबके जलाना है।
तिरंगे की खातिर जीना मरना,
कुदृष्टि गर दुश्मन डाले, मिलकर धूल चटाना है।
परोपकार-दयाभाव-सदाचार,
अपने आचार-विचार प्रिये चहुॅंदिश फैलाना है।
अखण्ड भारत बनाना है।
स्वतंत्रता दिवस पर ही नहीं मात्र,
गर्व है जिस तिरंगे पर, उसे घर-घर फहराना है।
अपना बसेरा प्यारा भारत है,
प्रेम,त्याग से सींचकर सद्भाव घरौंदा बनाना है।
* अर्चना सिंह जया, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश
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