सुमति

तूफान भयंकर हैं, समय प्रलयंकर हैं।

थामनी आज गति हैं, यही आज सुमति हैं।

सव्छद सदा हो तुम,मुक्त सदा हो तुम।

सुरक्षा जरूरी हैं, बहुत जरुरी हैं।

थाम लो आज गति, घरोंदे को बनाओ बसेरा।

यही सुरक्षा कवच हैं, अपनो का और तेरा।

सयम आज कुछ अपनाओ,कोरोना को हराओ।

न हो दुःखित,न हो वयथित।

आज पुनः हो सब सगठित।

हे युग सेनानी,आश्रय आज घरोंदा है।

नफे का यह सौदा है।

रिश्तों को आज जीना है,कष्ट न अब सहना हैं।

जीतेगें हम महासंग्राम, बचाएगे हर गांव।

Comments are closed.

Arunima Bahadur