इश्क़

इश्क़ का गुरूर भी चूर हो जाता है.
मोहब्बत में आशिक मरने पे मजबूर हो जाता है..
क्या पता किसके नसीब में क्या है..
इश्क़ में तो खुदा भी चकनाचूर हो जाता है..
और पड़ा है किताबों में मैंने भी मोहब्बत की दास्तान.
अंत में मजनू भी लैला से दूर हो जाता है..
                 – आयुष शर्मा 
                 

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aysharma8851