भारत माँ का लाल कहलाना

मै तुम्हारी दरगाह आऊंगा
तुम कभी मेरे मंदिर आना
मै कुरान पढ़ूँगा तुम्हारी
तुम मुझे कभी गीता सुनाना

आगे बढ़कर इस मजहब से
हम तुमको है राष्ट्रवाद फैलाना
छोड़ कर इस हिन्दू मुस्लिम
भारत माँ का लाल कहलाना

वो बाटेंगे  हमको तुमको
पर अब हमको है एक हो जाना 
तोड़कर इन दुकानो को
हमको नया हिंदुस्तान है लाना

अब आगे है जिम्मे हम पर
नव निर्माण का परचम लहराना
इससे देश की शान बढ़ेगी
नव निर्मित का मान बढाना

त्यागकर ,जय श्री राम व अल्लाह अकबर
भारत की जयकार लगाना 
चूमकर  इस धराको
इसकी खुशबू मे लीन होजाना

रोम रोम से प्रफुल्लित कर
सीने मे तुम भारत का जज़्बा दिखाना
अबकी जो लड़ाए हिन्दी, उर्दू
तुम माँ, मौसी का रिश्ता समझाना
 छोड़ कर इस हिन्दू मुस्लिम
भारत माँ का लाल कहलाना।
भारत माँ का लाल कहलाना।।
©bimalpathak

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Bimal Pathak