बाबा पशुपति नाथ (मन की पुकार)

-B.V.Mishra

A- पशु के राजन, पशुपति नाथ 

भ्रमण में चले, पशुओं के साथ ।

कदम कदम पर पारिजात 

O! महादेव तू शंभूनाथ । !!

B- हाथ में त्रिशूल, गले में नाग 

पड़े कदम तो, सोने पे सुहाग ।

O! बैरागी नीलकंठ 

आगमन से, खिलेगा बाग । !!

C- पशुपति तूही, पशुओं के राजा

दर पर तेरो क्या राजा , प्रजा ।

कष्ट नीबारो, सुनलो पुकार 

छत्रपति तूही, शिव महाराज । !!

-by B.P.M

The Unknown Forest 

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Bishnu Prasad Mishra
Odisha