अपना कौन?
इन शोरगुल के बाजारों में, दिल की बातें सुनें कौन
इस अजनबी सी दुनियां में ,,अपना कौन है ढूँढे कौन
यूं तो ये बाज़ार हम इंसानो से हैं,,पर
इस नकाबी दुनिया में असली कौन हैं ,,जाने कौन
कहे अल्फ़ाज तो सब सुनने को हैं, पर
हमारे ज़हन में क्या है, इसे समझें कौन?