समय.
समय से यूँ ज़िद्द ना कर बस सब्र रख और कर्म कर थोड़ा सा झुक जाएगा यह भी गुजर जाएगा
समय ने किसकी सुनी है चलना इसकी नियति है रेत सा फिसल जाएगा यह भी गुजर जाएगा
समय जो ठंडा पड़ा है थोड़ा सा अकड़ा हुआ है वक्त भी गरमाएगा यह भी गुजर जाएगा…
समय से यूँ ज़िद्द ना कर बस सब्र रख और कर्म कर थोड़ा सा झुक जाएगा यह भी गुजर जाएगा
समय ने किसकी सुनी है चलना इसकी नियति है रेत सा फिसल जाएगा यह भी गुजर जाएगा
समय जो ठंडा पड़ा है थोड़ा सा अकड़ा हुआ है वक्त भी गरमाएगा यह भी गुजर जाएगा…