ये गगन ही मेरा ठिकाना है!

मैं पंछी हूं , यह गगन ही मेरा ठिकाना है
मुझे खुद के दो पल चाहिए , मुझे भी पंख फैलाना है
मुझे आपसे आजादी नहीं , इजाजत चाहिए
मुझे भी उड़ना , गाना है
मेरे लिए आपका प्यार काफी है , मगर मुझे भी खुद से एक घोंसला बनाना है
मैं एक पंछी हूं यह गगन ही मेरा ठिकाना है!

 

 

Comments are closed.