दुआएं
एक सिक्के की मोहताज दुआएं
सड़कों पे घूमती हैं
टकराता है जब सिक्का कटोरे से
तब जा के दुआएं गूंजती हैं
गर यही सीढ़ी है दुआ पाने की
तो यकीन मानिए… खुदा कसम…!!
हमारी भी जेब में दुआएं ऊंघती हैं
ये दुआओं की पुड़िया… एक बुढ़िया…!!
हर दूसरे चौराहे पे बेचती है
जबसे देखी है बेबसी की शकल
उन गरीब आंखों में
तब से हुई ख़बर हमें भी
कि वाकई…!
दुआएं बेहद ही कीमती हैं…
बेहद ही कीमती हैं